01.जिन्दगी में खुश रहने के दो ही तरीके है, या तो जो प्राप्त है उसे पसन्द करो या जो प्राप्त है उसे पसन्द करो।
02.जब से मेरी नजरों ने आपका दिदार किया है, उस एक झलक ने मेरे रुह का दुश्वार किया है।
03.आप कहते हो इश्क कर लो यारों, यही सच्ची जिन्दगी है।
मैं कहता हूँ जिन्होनें इश्क किया उनसे पूछों, इसमं कितनी सजा है।
04.कठीन मेहनत करने वाला व्यक्ति हमेंशा प्रतिभावान व्यक्ति को हरा देता है, यदी प्रतिभावान व्यक्ति कठीन मेहनत नही करता है।
05.कर्म प्रधान विश्व रचि राखा, जो जस करही सो तक फल चाखा।
06.भाग्य से ज्यादा और समय से पहले किसी को कुछ भी प्राप्त नही होता है।
07.कोई चलता पदचिन्हों पर कोई पदचिन्ह बनाता हैं, है वही सुर्यमान इस जग में दुनीया में पूजा जाता है।
08.सवा लाख से एक लडाउ, तब मैं गुरु गोबिन्द कहाउ।
09.अगर आस्था हैं,तो बन्द द्वार भी रास्ता है।
10.कीसी भी क्षेत्र में सफल होने का एक ही तरीका हैं- सही दिशा में लगातार प्रयास।
12.आवश्यकता अविष्कार की जननी है।
13.नारी बिच सारी है कि सारी बिच नारी है। नारी की ही सारी है कि सारी की ही नारी है।
14.वेदों की ओर चलों।
15.तुम मुझे खुन दो, मैं तुम्हें आजादी दुँगा।
16.मनुष्य की शांति बडी-बडी समस्याओं को रोक सकती हैं, जबकी मुस्कुराहट बडी से बडी समस्याओं को हल कर सकती है।
17.शांति के समय में आप जितना अधिक पसीन बहायेंगे, युद्ध के समय में उतना ही कम खुन बहेगा।
18.सरफरोसी की तमन्ना अब हमारे दिल में है, देखना है जोर कितना बाजुए कातिल में है।
19.अभ्यास मनुष्य को निपुर्ण बनाता है।
20.लालच बुरी बला है।
21.सदा ही सत्य की विजय होती है।
22.जिस प्रकार फल वाले पेड हमेशा झुककर रहते है और बिना फल वाले सर ताने खडे रहते है, उसी प्रकार गुणवान मनुष्य हमेशा झुककर रहता है।
25.समय सबसे बलवान है।
26.जिस-जिस पर दुनिया ने हँसा, उसी ने इतिहास रचा।
27.होनहार बिरवान के होत चिकने पात्।
28.समय किसी का इंतजार नही करता।
29.जो भूतकाल में जीते है वो हमेशा दुखी रहते है, जो भविष्य में जीते है वो हमेशा परेशान रहते है, इसलिए हमेशा वर्तमान में जीना चाहीये।
30.आप अपने वर्तमान को ठीक कर ले, आपका भूत और भविष्य अपने आप ठीक हो जायेगा।
31.जो सोचता है वो सोचता ही रह जाता है, इसलिए सोचो मत, कर्म करो।
32.उतिष्ठ जागृत, प्राप्य वारानिपथ्य।
33.कर्म कर फल की इच्छा मत कर।
34.चिन्ता चिता तक पहुँचा देती है।
35.आपके कर्म आपके विचारों का फल होता है, और आपके विचार आपके द्वारा देखी और सुनी गयी चीजों का फल होता है। इसलिए हमेंशा आच्छा सुने और देखे।
36.ईश्वर सबकुछ देख रहा है।
37.ईमानदारी सर्वोत्तम गुण होता है।
38.मनुष्य की इच्छायें ही उसके दुखों का कारण है।
39.स्त्री से ज्यादा सहनशीन इस विश्व में दुसरा कोई जीव नही है।
40.ताते पाँव पसारीये, जाती लंबी चादर होय।
41.जो कार्य करता है, गलतीयाँ उसी से होती है।
42.किसी चिज को सीखने के दो तरीके है- पहला या तो जो उस कार्य को जानता है उसे अपना गुरु मान लो उससे सीखो और दुसरा खुद गलतियाँ करो और उससे सीखो। दुसरे तरीके में समय बहुत ज्यादा लगता है।
43.समय मनुष्य को सवकुछ सिखा देता है।
44.गलत तरीके या बिना किसी मेहनत के कमाया गया धन ज्यादा समय तक मनुष्य के पास टिकता नही है।
45.सदैव बुराई पर अच्छाई की जीत होती है।
46.जुल्म करने वाले से ज्यादा जुल्म सहने वाला गुनहगार होता है।
47.जहाँ नारी की पूजा होती है वहाँ देवता निवास करते है।
48.जिसने अपने मन को जीत लिया उसने पूरे विश्व को जीत लिया।
49.बुद्धिमान बनने का तरीका- बोलो कम, सुनो ज्यादा।
50.कर्म ही पूजा है।