हिन्दी में जानकारी (Hindi Quotes, Shayari और Hindi Kahani)

Hindi Kahaini,Hindi Moral Story(ताजा खबर और नमकहराम भेडिया)

(Hindi Kahani)हिन्दी कहानी

THE BREAKING NEWS (ताजा समाचार)

एक बार की बात है, एक भूखे लोमडी ने एक मूर्गे को एक पेड की डाल पर बैठा हुआ देखा। चूँकी लोमडी भूखा था इसलिए उसने मूर्गे को अपनी बातों में फँसाने के लिए एक तरकीब सोचा।वह पेड के पास गया और बोला, “मेरे दोस्त मूर्गे, क्या तुमने अभी की ताजा खबर सुनी है?”

“वह ताजा खबर क्या है?”, मूर्गे ने पूछा।

लोमडी ने बोला, “कल स्वर्ग से एक भविष्यवाणी सुनाई दी। उसमे यह कहा जा रहा था कि आज से सभी जानवर और पछी एक साथ शान्ति से रहेगे। सभी एक दूसरे के दोस्त है और कोई भी एक दूसरे को नुकशान नही पहुचायेगा। इसलिए तुम मेरे पास आ जाओ और हम लोग आज से दोस्त हो जाते है। आओ दोस्ती का हाथ मिलाते है।

मूर्गा लोमडी की खतरनाक चाल को समझ गया। इसलिए उसने दूर की कोई चीज देखने का बहाना करते हुए बोला, “ओह, मैने भी यह खबर सुनी है।मैं देख रहा हूँ की तुम्हारे और भी दोस्त आ रहे है। उन्हें भी यहाँ पहुँचने दो फिर एक साथ मिलकर इस खुशी को मनायेगे।

यह सुनकर लोमडी ने पुछा, “दोस्त,वे कौन है?”

मूर्गे ने जबाब दिया, “वे शिकारी कुत्ते है”।

शिकारी कुत्तों का नाम सुनकर, लोमडी डर गई और काँपना सुरु कर दिया।

लोमडी को काँपता हुआ देखकर, मूर्गे ने कहा, “ तुम इतना काँप क्यो रहे हो, वे तो हमारे दोस्त है”।

इस पर लोमडी ने बोला, “हो सकता है उन्होंने यह खबर न सुना हो और यह कहते हुए लोमडी वहाँ से जान बचाकर भाग निकला। यह देखकर  मूर्गा हँसने लगा और उसकी हँसी नही रुकी।

कहानी से शिक्षा- इस (Hindi Kahani) कहानी से यह शिक्षा मिलती है कि धूर्त या चालाक लोगों के बातों पर भरोसा न करे।

 

(Hinidi Kahani)हिन्दी कहानी

THE STAG’S ANTLERS(बारहसिंगा के सिंघा)

एक बार एक बारहसिंगा को प्यास लगी। वह एक झील के पास पानी पीने गया। जैसे ही उसने अपनी गर्दन पानी पीने के लीये झुकाई, उसे अपनी परछाई पानी में दिखाई दी। अपनी लंबी और सुन्दर सिंघों को देखकर बारहसिंगे ने मन मे सोचा, “मेरे सिंघ कितने सुन्दर है? ये लंबे और चमकिले सिंघ मुझे मेरे सारे साथियों मे सबसे सुन्दर बनाते है।

इसके बाद वह अपने पौरों की ओर देखा और बोला, “ओर, मेरे पैर कितने बदसुरत है? ये पैर हमेशा काले और गंदे रहते है। कुछ भी हो मेरे पास मेरे इतने सुन्दर सिंघ तो है। एसे सिंघ और किसी भी जानवर के नही है”।

चूँकी बारहसिंगा अपनी सिंघों की प्रशंसा करने मे इतना खो गया की उसे पता ही नहीं चला की कुछ शिकारीयों ने उसको घेर लिया है। तभी शिकारीयों के कुत्तों की भौकने की आवाज ने बारहसिंगे को चौकन्ना कर दिया। बारहसिंगा शिकारीयों की ओर देखा और वह जितना तेज हो सकता था उतना तेज भागा। वह अपनी पैरों से जितनी तेज भाग सकता था उतनी तेज भागा। जल्दी ही उसने अपनी रफ्तार पकड ली और शिकारीयों को पीछे छोड दिया। कुछ दूरी पर जाकर बारहसिंगा को कुछ झाडीयाँ और पेड मिले। वह उन पेडो और झाडियों के पास गया और उसमें जाकर छुप गया। कुछ समय वाद शिकारी और उसके कुत्ते भी वहाँ पहुँच गये। शिकारी कुत्तों ने कुछ ही देर मे सुघकर यह पता लगा लिया कि बारहसिंगा यही पर छुपा है।

यह देखकर, जैसे ही बारहसिंगा दुबारा भागने के लिए सोचा, उसके सिंघ झाडियों मे फँस गये। बारहसिंगा भाग नही सका। जल्दी ही शिकारीयों ने बारहसिंगा का शिकार कर लिया। बारहसिंगा अपने जिन पैरों से नफरत करता था, उन पैरों ने उसकी जान बचाई लेकिन उसे अपनी सुन्दर सिंघों के कारण  अपनी जान गवानी पडी।

कहानी से शिक्षा- इस (Hindi Kahani)कहानी से हमें यह शिक्षा मिलति है कि किसी भी वस्तु की उपयोगिता उसकी सुन्दरता से ज्यादा जरुरी होती है।

 

(Hinid Kahani)हिन्दी कहानी

THE THANKLESS WOLF(नमकहराम भेडीया)

एक बार की बात है, एक भेडीये के गले मे एक हड्डी फँस गई। भेडीया न तो उस हड्डी को निगल पा रहा था और न ही उसे बाहर निकाल पा रहा था। वह जानता था कि यदी वह अपने गले मे अटकी हड्डी को बाहर नही निकाल पाया तो वह कुछ भी खा नही पायेगा और जल्द ही भूख के कारण मर जायेगा।

इसलिए भेडीया अपने गले में अटकी हड्डी को  निकलवाने के लिए एक सारस के पास गया।

भेडीये ने सारस से बोला, “कृप्या मेरी मदद करो। एक हड्डी का टुकडा मेरे गले मे फँस गया है। तुम्हारी लंबी और मुडी हुई गर्दन मेरे गले मे पहुँच जायेगी और तुम मेरी गले में फँसी हुई हड्डी को निकाल दोगे। इसके लिए मैं तुम्हें उचित इनाम भी दुँगा”।

दयालु सारस भेडिये के गले मे से हड्डी निकालने के लिए तैयार हो गया।

भेडीया अपना मुंह पुरी तरह से चौडा खोलकर बैठ गया। सारस ने अपनी चोंच उसके मुँह मे डाली और उसके गले से हड्डी के टुकडे को बाहर निकाल दिया।

इसके बाद सारस ने बोला, “मैंने तुम्हारे गले से हड्डी निकाल दी है। तुमने वादा किया था इनाम देने के लिए, मेरा इनाम मुझे दो”।

इसपर दुष्ट भेडीये ने बोला, “इनाम, कौन सा इनाम।मैंने तो तुमसे ऐसा कोई वादा नहीं कीया था इनाम देने का”।और यह झुठी बाते कहते हुए भेडीया सारस के घर से चला गया।

कहानी से शिक्षा- इस (Hindi Kahani)हिन्दी कहानी से यह शिक्षा मिलती है कि दुष्ट और शैतान लोग कभी भी कृतज्ञ या शुक्रगुजार नहीं हो सकते।

 

(Hindi Kahani)हिन्दी कहानी

THE POTTERS DONKEY(कुम्हार का गधा)

एक बार की बात है एक गरीब कुम्हार ने एक कुत्ता और एक गधा खरीद कर लाया। कुत्ता कुम्हार के घर की और उसके आँगन में सुखने के लिए रखे बर्तनों की रखवाली करता। कुम्हार गधे का उपयोग अपने बर्तनों को बाजार में बेचने ले जाने के लिये करता था।

एक दिन गधा बैठे-बैठे सोच रहा था, “मैं सारें भारी बर्तनों को बाजार ले जाने के लिए इतनी मेहनत करता हूँ। गर्मी हो या बरसात, ठंड हो या गरम, पूरे दिन कठीन मेहनत करता हूँ फिर भी मालिक मुझे डंडे से मारता है।

मालिक मुझे दिन का बचा खुचा भोजन रात मे खाने के लिए देता है।लेकिन मालिक कुत्ते को बहुत प्यार करता है। मालिक कुत्ते को गले से लगाता है और उसे घर पर आराम करने के लिए छोड देता है। वह स्वादिष्ट माँस और दूध खाने के लिए पाता है। मैं भी अब वही करुँगा जो कुत्ता करता है। आज जब मालिक आयेगा तब मैं भी कुत्ते की तरह पूछ हिलाता हुआ और भौकता गुर्राता  हुआ मालिक के पास जाउँगा। जरुर ही मालिक मुझे खूब प्यार करेगा जिस तरह वह कुत्ते को करता है।

उस शाम जब मालिक कोई काम करके वापस आया तो गधा जोर से गुर्राया। गधा अपनी पूँछ हिलाता हुआ मालिक की तरफ दौडा और अपने दोनो अगले पैर उठाकर मालिक चाटने लगा जिस तरह से कुत्ता मालिक के आने पर करता था। लेकिन जब मालिक ने गधे को गुर्राते और अपनी और दौडकर आते देखा तो वह डर गया। उसने सोचा कि गधा उसके उपर हमला करने वाला है और यह सोचकर मालिक ने गधे को एक मोटे डंडे से खूब पिटाई कर दी।

कहानी से शिक्षा- इस (Hindi Kahani)हिन्दी कहानी से यह शिक्षा मिलती है कि आप जैसे हो उसी से खुश रहो, कभी किसी का नकल न करें।

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